Showing posts with label ताकी सुब जींदा रह सके. Show all posts
Showing posts with label ताकी सुब जींदा रह सके. Show all posts

Thursday, October 9, 2008

डूबते इलाको की तकलीफ


बिहार और उडीसा में प्रदेश के डूबते इलाको की तकलीफ दब सी गई है। उत्तर प्रदेश के जीले बाराबंकी, लखीमपुर, गोंडा, बहराइच, बस्ती, सीतापुर, लखनऊ में बाढ़ उफान रही है। यहाँ भी इत्तेफाकन वैसी ही तस्वीर देखने को मीली, जैसी कुछ दीनों पहले बीहार में देखी थी।
गले-गले डूबेझोपडी के ऊपर आसरा लिए,हाथ जोड़े मदद की गुहार लगातेपेड़ पर टिकेजान बचाने को भागते,नाव पर लदे लोग..... । कई गाव तो नक्से से ही गायब हो गएखाने के लिए दाना नही है। भूख से अकुलाए बच्चो के लिए माँ के पास सिर्फ दिलासा है। जो राहत मील रही है, वह पीडितो की नजर में महज खानापूर्ती है । सरकार की सक्रियता के बावजूद लोग मदद के लिए परेशान है। सवाल है आख़िर राहत जा कहाँ रही है ?